दुख को बाँट दे हममे ...
हँसा छुपकर भी कीजिये तो चलेगा !
हमें आवाज लगाइये न लगाइये ....
भरोसा मेरे साथ होने का न किया तो खलेगा
खालीपन तो मन के गलियारों में है ...
ज़रा नज़र तो उठाइये ...
हममें भी आपको कोई अपना ही मिलेगा :)
अच्छी या बुरी जैसी भी ,अपना विचार अवश्य दें
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