क्यों पूछते हो कि प्रेम क्या है
क्यों पूछते हो कि प्रेम क्या है
उतर के देखो आंधियाँ है
जर्रे में शंभु लीन बैठे
महमहे में है तल्ख कितनी
क्या तखलीक कि कोई खामियाँ है
महमहे
-- सुगंध
तल्ख
-- तीक्ष्ण
तखलीक
--रचना
creation
अच्छा या बुरा जैसा भी, अपना विचार अवश्य दें
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