Sunday, February 9, 2014

उ रह जे हिंदी छांटी रहल रह

करेजा फैट गेल...


हम हुनका सs मैथिलि बsजलौं


उ रहs जे हिंदी छांटी रहल रहs

 घंटा भरक बात मs कान तरैस गेल 


मुदा एक शबद नै मैथिलि बाजलक


पुछ्लौं झाजी घर कतs भेल?


कहलक दरभंगा "I m outside from a long " 


आखिर हमर मsन हरखित भेल


जब सुनलौं मैथिलि हुनकर मुख स


पुछला पर की अप्पन भाषा किया नs बजै छि


बच्चा सsब कs किया नs गाम भेजै छि 


कहलक --यौ की कही लाज लगे य


फाटs धरती जे हम समाबौं, हमर मू मs धान दियौ तs लावा 


कहलों हुनका जे यौ अहाँ कोन नौकरी करै छि 


जे अप्पन भाषा कs एना तजै छि 


"
मैथिलि" s सम्मान भेटल य


ओही सs पहचान भेटल य 


क्रमश: ...

 

नीक या बेजाय जेहेन लागल  … जरुर कहब !

No comments :

Post a Comment