Friday, February 14, 2014

प्रेम : है किसमे इतनी हिम्मत ?


छीन ले मुझसे तुझको
है किसमे इतनी हिम्मत
तू जहाँ तलक ले जा उसको
मैं वहाँ वहाँ तक आऊँगा
मैं तेरी परछाई हूँ
फिर साथ भला क्या छोड़ूँगा
सब मरने कि बातें करते हैं
तू इक अवाज बस देदेना
मैं फिर से जिंदा होकर आऊँगा

मैं गगन-धरा कर दूँगा एक
सुन पलकों पर न आँसू लाना
मेरी खुद्दारी ललकारी जाती है
बरबस खून उबलते हैं
हया धरी रह जाती है
छीन ले मुझसे तुझको
है किसमे इतनी हिम्मत !

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आकांक्षायें और अपेक्षा अवसाद का कारण है।

Expectation and desire are the cause of grief . 

LoVe like a भारतीय !
LiVe like a भारतीय  !

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