Sunday, February 9, 2014

----हार पर विजय---


                                                                                      ----हार पर विजय---


हार गिरे तब धार करे 

जब धार करे तब वार करे 

जब वार करे संहार करे 

हुंकार भरे हुँकार भरे 

ग्लानी कुंठा को जगह नहीं अब 

तज स्वाभिमान और आडम्बर को 

कृतग्य भाव से अमूल्य समय का सत्कार करे 

विविधा नहीं दुविधा नहीं 

बाधाओं को आने दो 

बन अंधकार के बादल मंडराने दो 

प्रतिकार करे प्रतिकार करे 

जो घात करे प्रतिघात करे 

सहश्त्र भानु पर विजय करे 

क्यों चंद्रकला को भ्रमित हो 

श्रम हमारा रथ होगा धैर्य हमारी ढाल 

द्रिढता को तलवार करे 

अटल युद्ध पर अडिग हों 

हर मुश्किल को हम पार करे 

हार गिरे तब धार करे 

जब धार करे तब वार करे 

जब वार करे संहार करे



अच्छी या बुरी जैसी भी ,अपनी विचार अवश्य दें 

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